विस्तृत उत्तर
इन विष्कम्भ पर्वतों के मध्य देवगणों, यक्षों, गंधर्वों और विद्याधरों के विहार के लिए चार अत्यंत मनोरम और दिव्य सरोवर विद्यमान हैं। ये चार सरोवर हैं — अरुणोद, महाभद्र, शीतोद और मानस। ये सरोवर अत्यंत पवित्र और अलौकिक हैं। इन सरोवरों के निर्मल जल में स्नान करके देवगण अलौकिक आनंद और ऊर्जा प्राप्त करते हैं। गंगा की पूर्व दिशा की धारा 'सीता' अरुणोद सरोवर को पार करते हुए प्रवाहित होती है। गंगा की दक्षिण धारा 'अलकनंदा' मानसरोवर को आप्लावित करती है। उत्तर दिशा की धारा 'सोमा' महाभद्र सरोवर को जलमग्न करती है। इस प्रकार ये चारों दिव्य सरोवर मेरु पर्वत के चारों ओर देवताओं के विहार और आनंद के केंद्र हैं।
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