तंत्र षट्कर्मतंत्र में मारण कर्म क्या है और इसका दुष्प्रभाव क्या होता है?सर्वनिकृष्ट + सर्ववर्जित। दुष्प्रभाव: गंभीर कर्म बंधन, प्रतिघात (परिवार कष्ट), पागलपन, साधना पतन, IPC 302/307 (कानूनी अपराध)। 'जो मारे = वो मरे।' शांति = एकमात्र धर्म। विधि कभी न दें।#मारण#कर्म#क्या
आगमशास्त्र और दर्शनपिंगलेश्वर शिवलिंग की साधना में 'मारण' और 'मोहन' का वास्तविक अर्थ क्या है?शुद्ध तंत्र में 'मारण' का अर्थ अहंकार और षड्रिपुओं (क्रोध, लोभ आदि) का संहार करना है। 'मोहन' का अर्थ मन को सांसारिक विषयों से हटाकर शिव-भक्ति में पूर्णतः मुग्ध कर देना है।
तंत्र शास्त्रतंत्र में षट्कर्म शांति वशीकरण स्तंभन विद्वेषण उच्चाटन मारण क्या हैं?6 कर्म: शांति (सात्विक✅), वशीकरण (राजसिक), स्तंभन (राजसिक), विद्वेषण (तामसिक❌), उच्चाटन (तामसिक❌), मारण (महातामसिक❌❌)। शांति = एकमात्र शुभ। शेष = कर्म बंधन/पाप। मारण/विद्वेषण/उच्चाटन = महापाप।#षट्कर्म#शांति#वशीकरण