भक्ति एवं आध्यात्मभक्तिकाल के प्रमुख संत कौन-कौन थे?भक्तिकाल के प्रमुख संत — निर्गुण: कबीरदास, रैदास, गुरु नानक, दादू दयाल। सगुण राम भक्ति: तुलसीदास। सगुण कृष्ण भक्ति: सूरदास, मीराबाई, नरसी मेहता, चैतन्य महाप्रभु, रसखान। इस युग को हिंदी साहित्य का स्वर्णयुग कहा जाता है।#भक्तिकाल#संत#कबीर
भक्ति साहित्यमीराबाई के भजन आज भी लोकप्रिय क्यों हैंमीराबाई के भजन इसलिए लोकप्रिय हैं क्योंकि उनमें सच्चे प्रेम की प्रामाणिकता है, भाषा सरल है, और विरह-समर्पण का भाव सार्वभौमिक है। 500 वर्षों बाद भी 'मेरे तो गिरधर गोपाल' हृदय को छू लेता है।#मीराबाई
संत और भक्तमीराबाई ने कृष्ण भक्ति में क्या सहामीरा ने कृष्ण भक्ति में सहा: ससुराल का अपमान, विष का प्याला, सांप, कांटों की शय्या, सामाजिक बहिष्कार, घर त्याग। 'मेरे तो गिरिधर गोपाल, दूसरो न कोई।' शिक्षा: सच्ची भक्ति = सब कष्ट सहन शक्ति। भक्ति में लोक-लाज गौण।#मीराबाई#कृष्ण भक्ति#विरह