मंदिर संस्कारमंदिर में मुंडन संस्कार कराने का क्या नियम है?
मुंडन = 16 संस्कारों में से एक — गर्भ-बाल (अशुद्ध) हटाना। समय: 1-3 वर्ष, विषम वर्ष, शुक्ल पक्ष। मंदिर: तिरुपति (सर्वाधिक प्रसिद्ध), वाराणसी, हरिद्वार। विधि: मुहूर्त → संकल्प → गणपति पूजन → मुंडन → बाल नदी/देवता अर्पित → स्नान → दर्शन। लाभ: दोष निवारण, बुद्धि वृद्धि।
#मुंडन#चूड़ाकर्म#बाल कटाई