पूजा विधिपूजा में भगवान की मूर्ति किस दिशा में रखें?
मूर्ति की दिशा: पूर्वाभिमुख — सर्वश्रेष्ठ। मूर्ति पूर्व में हो तो पूजक पश्चिम में बैठे (पूर्व मुख)। ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में मंदिर — श्रेष्ठ वास्तु। दक्षिण-पश्चिम में मंदिर न बनाएं।
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