रामचरितमानस — बालकाण्डनारदजी ने माता मैना को कैसे समझाया?पहले पार्वतीजी ने माता को समझाया — 'जो विधाता रच दे वह नहीं टलता, दोष किसी को मत दो।' फिर नारदजी ने आकर सबको समझाया कि शिवजी स्वयं भगवान हैं। शिवजी ने सुन्दर रूप धारण किया तो सब प्रसन्न हुए।#बालकाण्ड#नारद#मैना
रामचरितमानस — बालकाण्डमाता मैना ने शिवजी की बारात देखकर क्या कहा?मैना ने नारदजी को दोषी ठहराया — 'मैंने नारद का क्या बिगाड़ा, जिन्होंने मेरा घर उजाड़ दिया।' शिवजी की निन्दा की — 'न मोह, न माया, न घर, न लाज — बावले वर के लिये मेरी बेटी ने तप किया।' सारी स्त्रियाँ व्याकुल हुईं।#बालकाण्ड
रामचरितमानस — बालकाण्डहिमवान कौन हैं और उनकी पत्नी का क्या नाम है?हिमवान (हिमालय) पर्वतों के राजा हैं — मानस में 'सैलराज', 'गिरिराज', 'हिमाचल' कहा गया। उनकी पत्नी का नाम मैना (मैनावती) है। इन्हीं के घर सतीजी ने पार्वती रूप में पुनर्जन्म लिया।#बालकाण्ड#हिमवान#मैना