जीवन एवं मृत्युयममार्ग क्या है?यममार्ग वह दुर्गम अध्यात्मिक मार्ग है जिससे जीवात्मा मृत्यु के बाद यमलोक पहुँचती है। यह 99,000 योजन लंबा, बिना छाया-जल वाला और कष्टकारी है। पुण्यात्मा के लिए सुखद, पापी के लिए दुःखद — एक ही मार्ग का भिन्न अनुभव।#यममार्ग#यमलोक यात्रा#गरुड़ पुराण
यमलोक एवं न्याययममार्ग पर रक्त की वृष्टि और शस्त्र की वृष्टि का वर्णन क्या है?गरुड़ पुराण के दूसरे अध्याय के अनुसार यममार्ग पर पापियों पर रक्त, शस्त्र, अंगार, शिला और गर्म जल की वृष्टि होती है — यह उनके पाप-कर्मों का ही प्रतिफल है जो विभिन्न यातनाओं के रूप में लौटता है।#यममार्ग
यमलोक एवं न्याययममार्ग में पापी काले सर्पों और बिच्छुओं से क्यों घिरा होता है?गरुड़ पुराण के दूसरे अध्याय के अनुसार पापी के अपने पाप-कर्म ही यममार्ग में काले सर्पों, बिच्छुओं और हिंसक पशुओं का रूप धारण करते हैं। जिसने जितना कष्ट दिया, उसे उतनी ही पीड़ा के रूप में यह यातना मिलती है।#यममार्ग#काले सर्प#बिच्छू