रामचरितमानस — बालकाण्डसतीजी ने श्रीराम की परीक्षा लेने के लिये किसका रूप धारण किया?सतीजी ने माता सीताजी का रूप धारण किया। दोहा — 'पुनि पुनि हृदयँ बिचारु करि धरि सीता कर रूप।' सतीजी ने सोचा कि यदि ये सचमुच परब्रह्म हैं तो सीता रूप पहचान लेंगे।#बालकाण्ड#सती#सीता रूप
रामचरितमानस — बालकाण्डशिवजी ने सतीजी को राम की परीक्षा लेने से क्यों मना किया?शिवजी ने कहा — ये मेरे इष्टदेव श्रीरघुवीर हैं, तर्क मत करो। 'होइहि सोइ जो राम रचि राखा' — जो राम ने रचा है वही होगा। शिवजी जानते थे कि परब्रह्म की परीक्षा लेना अनुचित है और इसका परिणाम बुरा होगा, इसलिये मना किया।
रामचरितमानस — बालकाण्डसतीजी को शिवजी के प्रणाम करने पर क्या संदेह हुआ?सतीजी को दो संदेह हुए — (1) सर्वव्यापक, मायारहित परब्रह्म मनुष्य कैसे बन सकता है? (2) सर्वज्ञ भगवान अज्ञानी की तरह पत्नी को क्यों खोजेंगे? उन्हें लगा कि शिवजी ने साधारण राजपुत्र को व्यर्थ प्रणाम किया।#बालकाण्ड#सती संदेह#राम परीक्षा