लोकपितामह को रुद्र स्वरूप क्यों माना जाता है?पितामह दूसरी पीढ़ी के पिण्डभाज पितर हैं और रुद्र स्वरूप माने जाते हैं।#पितामह#रुद्र स्वरूप#श्राद्ध
लोकपितामह को रुद्र स्वरूप क्यों माना जाता है?पितामह दूसरी पीढ़ी है और पितृ यात्रा के सूक्ष्म प्राणिक स्तर का प्रतिनिधि है, इसलिए उसे रुद्र स्वरूप कहा गया है।#पितामह#रुद्र स्वरूप#दादा
रुद्राभिषेक की पूजा विधिशिवलिंग का ध्यान कैसे करते हैं?शिवलिंग ध्यान में वृष पर आरूढ़, अर्धनारीश्वर स्वरूप, शांत और सर्वव्यापी रुद्र का ध्यान करते हैं। ध्यान मंत्र: 'ॐ भूर् भुवः स्वाहा सः रुद्राय... ध्यानं समर्पयामि।'#शिवलिंग ध्यान#रुद्र स्वरूप#अर्धनारीश्वर