शिव महिमानीलकंठ नाम पड़ने के बाद देवताओं ने शिव की स्तुति में क्या कहा?देवताओं ने शिव की स्तुति में कहा कि सम्पूर्ण सृष्टि की रक्षा के लिए स्वयं विष पीना परोपकार की सर्वोच्च मिसाल है। उन्होंने 'नीलकंठ', 'महाकाल', 'लोककल्याणी' कहकर पुष्प-वर्षा की और शिव की जय-जयकार की।#नीलकंठ स्तुति#देवता स्तुति#शिव महिमा
अन्य योग संबंध'पर्वत योग' और कहल योग का एक साथ होना क्या फल देता है?अगर किसी की कुंडली में 'कहल योग' और 'पर्वत योग' दोनों एक साथ बन जाएं, तो वह व्यक्ति पृथ्वी का महान शासक बनता है और पीढ़ियों की भलाई के लिए बड़े-बड़े अस्पताल या विश्वविद्यालय बनवाता है।
शिव महिमाहलाहल विष को पीने के लिए शिव ने क्यों आगे बढ़े?शिव ने हलाहल इसलिए पिया क्योंकि उनकी अनंत करुणा थी और वे सृष्टि के स्वामी हैं। कोई अन्य देव या दानव उस विष को ग्रहण करने में सक्षम नहीं था। शिव जी की योगशक्ति और दिव्य देह ही उसे धारण कर सकती थी।#हलाहल#शिव विषपान#लोककल्याण