विस्तृत उत्तर
शास्त्रों में कहल और 'पर्वत योग' का वर्णन एक साथ मिलता है। यदि लग्नेश का अधिपति (Dispositor) स्वराशि या उच्च का होकर केंद्र/त्रिकोण में हो तो पर्वत योग बनता है। जिस जातक की कुंडली में कहल और पर्वत दोनों योग उपस्थित हों, वह पृथ्वी का शासक (क्षितीश्वरः) बन जाता है और ऐसे लोककल्याणकारी कार्य करता है जिनका लाभ पीढ़ियों तक समाज को मिलता है (जैसे अस्पताल या विश्वविद्यालय बनवाना)।





