दिव्यास्त्रगरुड़ ने अपनी माता को दासता से मुक्त कराने के लिए क्या किया?गरुड़ ने देवताओं से युद्ध करके, इंद्र को परास्त करके स्वर्ग से अमृत कलश प्राप्त किया और नागों को देकर अपनी माता विनता को दासता से मुक्त कराया।#गरुड़#विनता#अमृत
दिव्यास्त्रगरुड़ का जन्म कैसे हुआ?गरुड़ का जन्म विनता के दूसरे अंडे से हुआ। उनका तेज इतना प्रखर था कि देवता भी भयभीत हो गए। वे नाग सौतेले भाइयों के बीच दास के रूप में बड़े हुए।#गरुड़#जन्म#विनता
दिव्यास्त्रविनता और कद्रू के बीच क्या शर्त लगी थी?दोनों बहनों के बीच दिव्य अश्व उच्चैःश्रवा की पूंछ के रंग को लेकर शर्त लगी। हारने वाली को जीवन भर दूसरे की दासी बनना था। कद्रू ने छल से शर्त जीती और विनता उनकी दासी बन गईं।#विनता#कद्रू#शर्त
दिव्यास्त्रविनता और कद्रू कौन थीं?विनता और कद्रू महर्षि कश्यप की दो पत्नियाँ और बहनें थीं। विनता पक्षियों की माता थीं और कद्रू एक हजार नागों की माता थीं।#विनता#कद्रू#महर्षि कश्यप