विस्तृत उत्तर
एक दिन विनता और कद्रू दोनों बहनों ने देवलोक के दिव्य अश्व उच्चैःश्रवा को देखा और उसकी पूंछ के रंग को लेकर उनमें शर्त लग गई। विनता का कहना था कि पूंछ पूरी तरह सफेद है, जबकि कद्रू ने दावा किया कि वह काली है। शर्त यह थी कि जो भी हारेगी, वह जीवन भर दूसरे की दासी बनकर रहेगी। कद्रू ने छल का सहारा लिया और अपने नाग पुत्रों को आदेश दिया कि वे जाकर अश्व की पूंछ से लिपट जाएं, ताकि वह काली दिखाई दे। इस धोखे के कारण विनता शर्त हार गईं और अपनी ही बहन की दासी बनने को विवश हो गईं।
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