व्रत एवं त्योहारसंकष्टी चतुर्थी और विनायक चतुर्थी में अंतरशुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं। संकष्टी में रात्रि को चंद्र दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है, जो इसकी मुख्य विशेषता है। मंगलवार की संकष्टी को अंगारकी कहते हैं।#संकष्टी चतुर्थी#विनायक चतुर्थी#गणेश चतुर्थी
व्रत एवं त्योहारगणेश चतुर्थी व्रत की विधिगणेश चतुर्थी भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मनाई जाती है। मूर्ति स्थापना, पंचामृत स्नान, दूर्वा, मोदक, लाल फूल, धूप-दीप, कथा और आरती मुख्य अंग हैं। इस दिन चंद्रमा का दर्शन वर्जित है।
पर्व पूजागणेश चतुर्थी पूजा कैसे करें?भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को मिट्टी की गणेश प्रतिमा स्थापित करें। 10 दिन प्रतिदिन 21 दूर्वा, 21 मोदक, सिंदूर अर्पण, गणपति अथर्वशीर्ष पाठ और आरती करें। चतुर्थी पर चंद्रमा न देखें। अनंत चतुर्दशी को विसर्जन करें।#गणेश चतुर्थी#विनायक चतुर्थी#पर्व पूजा