योग और वैराग्यविरक्त व्यक्ति कौन होता है?जो प्रतिकूल विषयों से उद्विग्न और अनुकूल विषयों से हर्षित नहीं होता, वही विरक्त है।#विरक्त#विराग#अनुकूल प्रतिकूल
शैव पद और वैराग्यविषय भोगों को नश्वर क्यों समझना चाहिए?विषयभोग भय उत्पन्न करने वाले और अवश्य नाशवान हैं, इसलिए उनका अश्रद्धा से त्याग करना चाहिए।#विषय भोग#नश्वरता#वैराग्य
श्रीमद्भागवतभागवत सप्ताह के बाद गीता पाठ कब करें?यदि श्रोता विरक्त हो तो कर्म की शांति के लिये अगले दिन गीता पाठ करने को कहा गया है।#गीता पाठ#विरक्त#कथा समाप्ति