ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

वैदिक यज्ञ से जुड़े सभी प्रश्न(3)

वैदिक यज्ञ पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 3 प्रश्न उपलब्ध हैं।

लोक

राक्षस वैदिक यज्ञों से घृणा क्यों करते हैं?

राक्षस तामसिक और धर्म-विरोधी होते हैं; वे वैदिक यज्ञ, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों को नष्ट करना चाहते हैं।

#राक्षस#वैदिक यज्ञ#धर्म विरोध
वेद एवं यज्ञ

अतिरात्र यज्ञ का क्या विधान है

अतिरात्र = रात भर चलने वाला सोमयाग (7 प्रकारों में छठवाँ)। विशेषता: चौथा सवन (रात्रि), अश्विनीकुमार ग्रह (भोर में)। 16 ऋत्विज्। 1975 और 2011 में केरल में सम्पन्न — Frits Staal द्वारा documented। आज अत्यन्त दुर्लभ — केवल केरल नम्बूदिरी परम्परा में जीवित।

#अतिरात्र#सोमयाग#वैदिक यज्ञ
हवन एवं यज्ञ

सोमयाग क्या है और कैसे किया जाता है

सोमयाग = सोमरस से आहुति वाला श्रेष्ठ वैदिक यज्ञ। 7 प्रकार: अग्निष्टोम सबसे मूल। 16 ऋत्विज्, वसन्त ऋतु में। क्रम: दीक्षा → सोम क्रय → सोमरस निष्कासन (तीन सवन) → सामगान → आहुति → सोमपान → दक्षिणा → अवभृथ स्नान। राजसूय, अश्वमेध भी सोमयाग श्रेणी। आज अत्यन्त दुर्लभ।

#सोमयाग#अग्निष्टोम#वैदिक यज्ञ
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।