विशेष फलशनि प्रदोष का महत्व?शनिदेव शिव जी के शिष्य हैं, इसलिए शनिवार के प्रदोष व्रत से कुंडली का 'शनि दोष' खत्म होता है। इस दिन शिवलिंग पर काले तिल चढ़ाने चाहिए।#शनि प्रदोष#शनि दोष#पुत्र प्राप्ति
वार भेद और फलशनि प्रदोष को इतना अत्यंत दुर्लभ और शक्तिशाली क्यों माना गया है?#शनि प्रदोष#संतान प्राप्ति#साढ़े-साती
व्रत नियम और संकल्पशनिवार का व्रत कब से शुरू करें?शनिवार का व्रत श्रावण, वैशाख या कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष (उजले पखवाड़े) के पहले शनिवार से शुरू करना सबसे शुभ होता है।#व्रत प्रारंभ#शुक्ल पक्ष#शनि प्रदोष
शिव पर्वसोम प्रदोष और शनि प्रदोष में शिव पूजा कैसे अलग होती है?सोम प्रदोष: सर्वश्रेष्ठ — दूध अभिषेक, चंद्र दोष शांति, मनोकामना, दाम्पत्य सुख। शनि प्रदोष: शनि दोष निवारण — तिल तेल दीपक, सरसों तेल अभिषेक, साढ़ेसाती/ढैय्या मुक्ति। दोनों में प्रदोष काल (संध्या) पूजा समान।#सोम प्रदोष#शनि प्रदोष#त्रयोदशी