विस्तृत उत्तर
शास्त्रों के अनुसार शनिवार का व्रत किसी भी मास के शुक्ल पक्ष (उजले पखवाड़े) के शनिवार से शुरू करना चाहिए। श्रावण, वैशाख, मार्गशीर्ष या कार्तिक मास का पहला शनिवार अति उत्तम माना जाता है। यदि शनिवार को 'श्रवण' नक्षत्र, 'रोहिणी' नक्षत्र या 'त्रयोदशी' (शनि प्रदोष) का योग हो, तो उस दिन से व्रत शुरू करना अत्यंत फलदायी होता है।



