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शुक्ल पक्ष से जुड़े सभी प्रश्न(9)

शुक्ल पक्ष पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 9 प्रश्न उपलब्ध हैं।

शुभ मुहूर्त

वाहन पूजन के लिए कौन सी तिथियाँ शुभ हैं?

शुभ तिथियाँ: 1, 3, 5, 6, 8, 10, 11, 13, 15 (शुक्ल पक्ष)। त्याज्य तिथियाँ: अमावस्या, चतुर्थी (4), नवमी (9), चतुर्दशी (14) — ये 'रिक्ता' तिथियाँ मानसिक अस्थिरता और अवरोध उत्पन्न करती हैं।

#वाहन पूजन तिथि#शुक्ल पक्ष#शुभ तिथि
तिथि और माहात्म्य

देवशयनी एकादशी कब आती है?

देवशयनी एकादशी आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष में आती है। इसी पवित्र दिन से 'चातुर्मास' (चार महीने के व्रत और नियम) की शुरुआत होती है।

#देवशयनी एकादशी#आषाढ़ मास#शुक्ल पक्ष
तिथि और माहात्म्य

मोहिनी एकादशी किस महीने में आती है?

मोहिनी एकादशी वैशाख मास के शुक्ल पक्ष में आती है। शास्त्रों में वैशाख महीने को सभी महीनों में सबसे पवित्र और श्रेष्ठ माना गया है。

#मोहिनी एकादशी#वैशाख मास#शुक्ल पक्ष
व्रत नियम और संकल्प

शनिवार का व्रत कब शुरू करें और कितने व्रत रखने चाहिए?

यह व्रत किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के शनिवार से शुरू करना चाहिए। संकल्प के अनुसार इसे 7, 11, 19, 21 या 51 शनिवार तक रखा जाता है।

#व्रत प्रारंभ#व्रत संख्या#शुक्ल पक्ष
व्रत नियम और संकल्प

शनिवार का व्रत कब से शुरू करें?

शनिवार का व्रत श्रावण, वैशाख या कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष (उजले पखवाड़े) के पहले शनिवार से शुरू करना सबसे शुभ होता है।

#व्रत प्रारंभ#शुक्ल पक्ष#शनि प्रदोष
व्रत नियम और संकल्प

गुरुवार का व्रत कब से शुरू करें?

गुरुवार का व्रत किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष के पहले गुरुवार से शुरू करना चाहिए। पौष महीने में इसे शुरू करना वर्जित है।

#व्रत प्रारंभ#शुक्ल पक्ष#पुष्य नक्षत्र
व्रत नियम और संकल्प

बुधवार का व्रत कब से शुरू करें?

बुधवार का व्रत किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष (उजले पखवाड़े) के पहले बुधवार से शुरू करना सबसे शुभ माना जाता है।

#व्रत आरंभ#शुक्ल पक्ष#शुभ मुहूर्त
व्रत नियम और संकल्प

सोमवार का व्रत कब से शुरू करना चाहिए? (सही महीना और पक्ष)

सोमवार का व्रत चैत्र, वैशाख, श्रावण, कार्तिक या मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष (उजले पखवाड़े) के पहले सोमवार से शुरू करना सबसे शुभ माना जाता है।

#व्रत प्रारंभ#शुक्ल पक्ष#शुभ मास
पूजा विधि

सत्यनारायण पूजा पूर्णिमा को क्यों करते हैं

सत्यनारायण पूजा पूर्णिमा को क्यों: (1) स्कन्द पुराण में शुक्ल पक्ष/पूर्णिमा विधान। (2) पूर्णिमा = विष्णु की तिथि, पूर्णता-सम्पन्नता प्रतीक। (3) शुक्ल पक्ष चरम = सर्वाधिक शुभ। (4) मासिक नियमितता सुविधाजनक। अन्य दिन भी मान्य: एकादशी, संक्रान्ति, शुभ अवसर।

#सत्यनारायण#पूर्णिमा#विष्णु
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