विस्तृत उत्तर
शास्त्रों में संकल्प के अनुसार व्रत की विषम संख्या (Odd numbers) को प्राथमिकता दी जाती है। आप अपनी मन्नत के अनुसार 7, 11, 19, 21 या 51 शनिवार तक व्रत कर सकते हैं। 'व्रतराज' ग्रंथ के अनुसार 19 शनिवार का व्रत करना विशेष रूप से फलदायी माना गया है। साढ़ेसाती के निवारण हेतु कुछ लोग पूरी साढ़ेसाती के दौरान भी यह व्रत रखते हैं।
