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विस्तृत उत्तर
यह व्रत एक विशिष्ट अवधि के लिए संकल्प लेकर किया जाता है। भक्त अपनी मनोकामना के अनुसार 11, 21, या 51 शुक्रवार तक व्रत करने का संकल्प लेते हैं। यह व्रत कैलेंडर से बंधा नहीं है, इसे किसी भी शुक्रवार से शुरू किया जा सकता है (यद्यपि श्रावण या मार्गशीर्ष मास शुभ माने जाते हैं)। मन्नत के शुक्रवार पूरे होने पर इसका उद्यापन किया जाता है।
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