विस्तृत उत्तर
शास्त्रों के अनुसार, इस व्रत को संकल्प लेकर कम से कम 21 बुधवार (21 Wednesdays) तक लगातार करना चाहिए। 21 की संख्या गणेश जी को अति प्रिय है (जैसे 21 दूर्वा, 21 मोदक)। कुछ परंपराओं में 7 बुधवार का भी उल्लेख है, परंतु पूर्ण फल प्राप्ति हेतु 21 व्रत का विधान ही श्रेष्ठ माना गया है।
