विस्तृत उत्तर
शास्त्रों के अनुसार, स्त्रियों को मासिक धर्म (Menstruation) के दौरान व्रत नहीं करना चाहिए और न ही पूजा करनी चाहिए। उन अशुद्ध दिनों की गणना 16 गुरुवार के संकल्प में नहीं की जाती है। पूर्ण रूप से शुद्ध होने के बाद अगले गुरुवार से व्रत पुनः जारी रखें और अपने 16 व्रत की संख्या पूरी करें। इसी तरह परिवार में सूतक या पातक होने पर भी व्रत वर्जित होता है।


