विस्तृत उत्तर
सामान्य संकल्प के साथ 16 गुरुवार तक लगातार व्रत रखने का विधान सर्वाधिक प्रचलित है, जिसे 'सोलाह गुरुवार व्रत' भी कहा जाता है। संकल्पित 16 व्रत पूरे होने के बाद 17वें गुरुवार को उद्यापन करना अनिवार्य है। जो साधक विशेष कामना रखते हैं, वे 1 वर्ष (लगभग 52 गुरुवार) या 3 वर्ष तक का भी संकल्प ले सकते हैं।
