विस्तृत उत्तर
शास्त्रों के अनुसार मंगलवार व्रत का प्रारंभ किसी भी मास के शुक्ल पक्ष (Bright Fortnight) के प्रथम मंगलवार से करना चाहिए। यदि सूर्य उत्तरायण (मकर से कर्क राशि के बीच, लगभग मध्य जनवरी से मध्य जुलाई) में हो, तो व्रत प्रारंभ करना अति उत्तम होता है। इसके अलावा उत्तर भारत की परंपरा में ज्येष्ठ मास के मंगलवार (जिन्हें 'बड़ा मंगल' कहा जाता है) विशेष रूप से शुभ माने जाते हैं। व्रत का संकल्प मुख्य रूप से 21 मंगलवार (21 Tuesdays) का लिया जाता है, जो तांत्रिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है।



