मुहूर्त एवं योगअमृत सिद्धि योग में पूजा का क्या विधान है
अमृत सिद्धि योग: विशिष्ट वार + नक्षत्र (जैसे गुरुवार+पुष्य, शनिवार+रोहिणी)। कर्म = अमृत (शाश्वत) फल। मंत्र सिद्धि, औषधि आरम्भ, दीक्षा, गृह प्रवेश सर्वोत्तम। दान = अक्षय। सर्वार्थ सिद्धि से भिन्न — वह 'सिद्धि', यह 'अमृत (शाश्वत) फल'।
#अमृत सिद्धि#योग#शुभ मुहूर्त