विस्तृत उत्तर
शनिवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष को 'शनि प्रदोष' कहते हैं। शनिदेव भगवान शिव के परम शिष्य हैं। इस दिन शिव की पूजा करने से 'शनि दोष' का शमन (शांत) होता है और 'पुत्र प्राप्ति' होती है। इस दिन शिवलिंग पर सरसों का तेल या काले तिल अर्पित करना चाहिए और पीपल के नीचे दीपक जलाना चाहिए।




