कार्तिकेय कथाछह कृत्तिकाओं ने कार्तिकेय को दूध कैसे पिलाया?शरवण वन में प्रकट हुए छह शिशुओं का रुदन सुनकर कृत्तिका नक्षत्र की छह देवियाँ आईं। उनके मन में मातृत्व भाव जागा और उन्होंने एक-एक बालक को अपने स्तन से दूध पिलाया। इसीलिए कार्तिकेय, कृत्तिका-पुत्र 'कार्तिकेय' कहलाए।#कृत्तिकाएं#कार्तिकेय स्तनपान#षण्मुख
कार्तिकेय कथाकार्तिकेय को छह सिर क्यों हैं?कार्तिकेय को छह सिर इसलिए हैं क्योंकि उनका दिव्य तेज गंगाजल में बहकर छह भागों में विभाजित हो गया था और छह शिशुओं के रूप में प्रकट हुआ। माता पार्वती ने छहों को एक करके षड्मुख पुत्र प्राप्त किया।
कार्तिकेय कथाशिव का वीर्य जो अग्नि में पड़ा उससे कार्तिकेय का जन्म कैसे हुआ?शिव का दिव्य तेज अग्निदेव ने ग्रहण किया, फिर गंगा को सौंपा। गंगाजल में बहकर वह छह भागों में विभाजित होकर शरवण वन में छह शिशुओं के रूप में प्रकट हुआ। कृत्तिकाओं ने उन्हें दूध पिलाया और पार्वती ने छहों को एक करके षड्मुख कार्तिकेय को प्राप्त किया।#कार्तिकेय जन्म#शिव तेज#अग्निदेव