शिव-सती-पार्वती कथाशिव ने ब्रह्मचारी रूप में क्या किया था पार्वती के साथब्रह्मचारी वेश में शिव ने अपनी ही निंदा की और पार्वती की परीक्षा ली। पार्वती ने क्रोध से उत्तर दिया — 'शिव की निंदा असह्य है' — यह दृढ़ता देखकर शिव प्रसन्न होकर असली रूप में प्रकट हुए।#शिव परीक्षा#पार्वती दृढ़ता#शिव निंदा
पार्वती की तपस्या और परीक्षाएंभगवान शिव ने पार्वती की अंतिम परीक्षा कैसे ली?शिव ने 'जटिल ब्रह्मचारी' वेश में आकर स्वयं की निंदा की। पार्वती क्रोधित हुईं और कहा: 'शिव की निंदा करने वाला पाप का भागी।' जाने लगीं तब शिव अपने वास्तविक स्वरूप में प्रकट हुए और पार्वती का हाथ थाम लिया।
शिव अवतारशिव के किरात अवतार में अर्जुन से युद्ध कैसे हुआ?वनवास में अर्जुन शिव की तपस्या कर रहे थे। दैत्य मूकासुर शूकर रूप में आया। किरात वेषधारी शिव और अर्जुन ने एक साथ बाण चलाए। विवाद में युद्ध हुआ, अर्जुन हारे, तब शिव प्रकट हुए और अर्जुन को पाशुपतास्त्र दिया।#किरात अवतार#अर्जुन युद्ध#पाशुपतास्त्र