ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
टैग

शिशु से जुड़े सभी प्रश्न(11)

शिशु पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 11 प्रश्न उपलब्ध हैं।

मंदिर ज्ञान

मंदिर में बच्चों को ले जाने के नियम क्या हैं?

ले जाएं (संस्कार)। शोर = बाहर। भीड़ = कम समय। Diaper = बाहर। प्रसाद = सावधानी। प्रणाम सिखाएं। सूतक (10 दिन) = कुछ में नहीं। 'मंदिर = सबसे बड़ा संस्कार।'

#बच्चे#नियम#मंदिर
मंत्र विधि

मंत्र जप गर्भवती महिला कर सकती है या नहीं?

हां, अवश्य। गर्भ उपनिषद: माता का जप = शिशु पर प्रभाव (अभिमन्यु)। शुभ: गायत्री, ॐ, विष्णु सहस्रनाम, गीता, सुंदरकांड। उग्र/तांत्रिक = वर्जित। शांत, मधुर स्वर। चिकित्सक + मंत्र = दोनों।

#गर्भवती#गर्भावस्था#मंत्र
महिला एवं धर्म

गर्भावस्था कौन सी कथा सुनें

गीता (सर्वोत्तम), रामायण, भागवत (कृष्ण लीला/प्रह्लाद), हनुमान चालीसा। प्रह्लाद=गर्भ भक्ति प्रमाण। सकारात्मक कथा=शिशु संस्कार। भयानक/नकारात्मक टालें।

#गर्भावस्था#कथा#सुनना
दैनिक आचार

बच्चे का पहली बार अन्न कब और कैसे खिलाएं

अन्नप्राशन = 6 माह (16 संस्कार)। गणेश पूजा → खीर (दूध+चावल) सोने की चम्मच/सामान्य चम्मच से → माता-पिता पहला कौर → आशीर्वाद। WHO: 6 माह बाद अनुपूरक आहार। डॉक्टर सलाह अनिवार्य।

#अन्नप्राशन#संस्कार#पहला अन्न
दैनिक आचार

बच्चे का नामकरण कैसे करें सरल विधि

11-21वें दिन। गणेश पूजा → नक्षत्र/राशि अनुसार नाम → पिता दाहिने कान में 3 बार बोले → मधु-घी → आशीर्वाद। सरलतम: दीपक + गणेश स्मरण + कान में नाम + मिठाई।

#नामकरण#संस्कार#शिशु
दैनिक आचार

शिशु के कान में सबसे पहले कौन सा मंत्र बोलें

'ॐ' — सर्वप्रथम (ब्रह्म ध्वनि)। वैष्णव: 'ॐ नमो नारायणाय'; शैव: 'ॐ नमः शिवाय'; या कुल मंत्र। जातकर्म संस्कार (16 में से) — पिता दाहिने कान में बोले। प्रेम से बोला कोई भी ईश्वर नाम शुभ।

#शिशु#कान#मंत्र
दैनिक आचार

बच्चे के जन्म पर कौन सी पूजा करें

जातकर्म (जन्म तुरंत — कान में मंत्र), छठी (6वें दिन), नामकरण (11-21 दिन)। गणेश-लक्ष्मी + कुल देवता पूजा। दान: ब्राह्मण भोज, गरीबों को भोजन। बाद: निष्क्रमण, अन्नप्राशन, मुंडन।

#जन्म#शिशु#संस्कार
स्वप्न शास्त्र

सपने में बच्चा दिखने का मतलब

बच्चा = शुभ। नई शुरुआत, संतान सुख, निर्दोषता, सृजनात्मकता। हंसता=अत्यंत शुभ; रोता=अधूरा कार्य; बीमार=चिंता। सार्वभौमिक सकारात्मक प्रतीक।

#बच्चा#शिशु#सपना
षोडश संस्कार

निष्क्रमण संस्कार कब करना चाहिए

निष्क्रमण = शिशु को पहली बार बाहर ले जाने का संस्कार। कब: जन्म के चौथे मास में, शुभ तिथि। विधि: स्नान-नए वस्त्र → सूर्य दर्शन ('तच्चक्षुर्देवहितम्') → मन्दिर दर्शन → गुरुजनों से आशीर्वाद। चौथा मास = शिशु कुछ सबल। तेज और शीतलता प्राप्ति हेतु।

#निष्क्रमण#संस्कार#शिशु
मंत्र विधि

गर्भावस्था में कौन से मंत्र का जप करना शुभ है?

शुभ: गायत्री (सर्वश्रेष्ठ), ॐ, विष्णु सहस्रनाम, 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' (अभिमन्यु गर्भ कथा), गीता पाठ, सुंदरकांड। नियम: सात्विक-शांत मंत्र, उग्र/तांत्रिक वर्जित। गर्भ उपनिषद: माता का जप = शिशु पर प्रभाव। चिकित्सा परामर्श + मंत्र = दोनों।

#गर्भावस्था#गर्भ संस्कार#मंत्र
गर्भ संस्कार

प्रेग्नेंसी में चंद्रमा पूजा का क्या लाभ?

चंद्र=मन+माता+शिशु कारक। शांति(हार्मोनल तनाव कम), शिशु स्वस्थ+सुंदर। सोमवार व्रत, पूर्णिमा 'ॐ सोम सोमाय' 108। दूध/सफ़ेद=चंद्र प्रिय। चंद्र प्रकाश=Melatonin/नींद। डॉक्टर=प्राथमिक।

#गर्भावस्था#चंद्रमा#पूजा
सम्पूर्ण प्रश्नोत्तरी
सभी प्रश्न देखें

10,000+ शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — श्रेणी, हब और टैग में सजे।

टैग खोज
अन्य टैग देखें

पूजा, मंत्र, साधना, उपाय, ज्योतिष — विषय अनुसार छाँटे गए सभी टैग।