ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
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दैनिक आचार📜 गृह्यसूत्र, जातकर्म संस्कार, 16 संस्कार1 मिनट पठन

शिशु के कान में सबसे पहले कौन सा मंत्र बोलें

संक्षिप्त उत्तर

'ॐ' — सर्वप्रथम (ब्रह्म ध्वनि)। वैष्णव: 'ॐ नमो नारायणाय'; शैव: 'ॐ नमः शिवाय'; या कुल मंत्र। जातकर्म संस्कार (16 में से) — पिता दाहिने कान में बोले। प्रेम से बोला कोई भी ईश्वर नाम शुभ।

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विस्तृत उत्तर

शिशु के कान में पहला मंत्र बोलना 'जातकर्म संस्कार' (16 संस्कारों में से एक) का अंग है।

पहला मंत्र (परंपरागत)

  1. 1'ॐ' — सबसे पहले ॐ — ब्रह्म का ध्वनि स्वरूप। कुछ परंपराओं में पिता शिशु के दाहिने कान में ॐ बोलते हैं।
  1. 1'ॐ नमो नारायणाय' — वैष्णव परंपरा।
  1. 1'ॐ नमः शिवाय' — शैव परंपरा।
  1. 1कुल मंत्र/इष्ट मंत्र — परिवार का कुल मंत्र।
  1. 1गायत्री मंत्र — कुछ परंपराओं में।

जातकर्म संस्कार विधि (गृह्यसूत्र)

  • जन्म के तुरंत बाद पिता शिशु के दाहिने कान में मंत्र बोलता है।
  • शहद + घी (सोने की शलाका से) शिशु को चटाना — 'मेधा जननी' (बुद्धि उत्पादक)।

सरल: 'ॐ' या 'हरे कृष्ण/हरे राम' — भाव से बोलें। कोई कठोर नियम नहीं — प्रेम से बोला गया कोई भी ईश्वर नाम शुभ।

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शास्त्रीय स्रोत
गृह्यसूत्र, जातकर्म संस्कार, 16 संस्कार
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