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दैनिक आचार📜 गृह्यसूत्र, 16 संस्कार, लोक परंपरा1 मिनट पठन

बच्चे के जन्म पर कौन सी पूजा करें

संक्षिप्त उत्तर

जातकर्म (जन्म तुरंत — कान में मंत्र), छठी (6वें दिन), नामकरण (11-21 दिन)। गणेश-लक्ष्मी + कुल देवता पूजा। दान: ब्राह्मण भोज, गरीबों को भोजन। बाद: निष्क्रमण, अन्नप्राशन, मुंडन।

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विस्तृत उत्तर

शिशु जन्म = सबसे शुभ अवसर; 16 संस्कारों में जातकर्म प्रमुख।

पूजा/संस्कार

  1. 1जातकर्म संस्कार — जन्म तुरंत बाद; कान में मंत्र, शहद-घी।
  2. 2नामकरण — 11वें/12वें दिन या 21वें दिन; शिशु का नाम।
  3. 3छठी पूजा — 6वें दिन; विधाता पूजन (कुछ परंपरा)।
  4. 4गणेश-लक्ष्मी — शिशु रक्षा, समृद्धि।
  5. 5कुल देवता पूजा — परिवार परंपरा।

दान

  • ब्राह्मण भोज
  • गरीबों को भोजन/वस्त्र
  • गोदान (यदि संभव)

अन्य संस्कार (बाद में)

  • निष्क्रमण (3-4 माह — पहली बार बाहर)
  • अन्नप्राशन (6 माह — पहला अन्न)
  • चूड़ाकर्म (मुंडन — 1-3 वर्ष)
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शास्त्रीय स्रोत
गृह्यसूत्र, 16 संस्कार, लोक परंपरा
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