विस्तृत उत्तर
शिशु जन्म = सबसे शुभ अवसर; 16 संस्कारों में जातकर्म प्रमुख।
पूजा/संस्कार
- 1जातकर्म संस्कार — जन्म तुरंत बाद; कान में मंत्र, शहद-घी।
- 2नामकरण — 11वें/12वें दिन या 21वें दिन; शिशु का नाम।
- 3छठी पूजा — 6वें दिन; विधाता पूजन (कुछ परंपरा)।
- 4गणेश-लक्ष्मी — शिशु रक्षा, समृद्धि।
- 5कुल देवता पूजा — परिवार परंपरा।
दान
- ▸ब्राह्मण भोज
- ▸गरीबों को भोजन/वस्त्र
- ▸गोदान (यदि संभव)
अन्य संस्कार (बाद में)
- ▸निष्क्रमण (3-4 माह — पहली बार बाहर)
- ▸अन्नप्राशन (6 माह — पहला अन्न)
- ▸चूड़ाकर्म (मुंडन — 1-3 वर्ष)





