विस्तृत उत्तर
सबसे सरल एक मंत्र जो कोई भी, कहीं भी, कभी भी जप सकता है:
'ॐ' (ओम/प्रणव) — सर्वसरल, सर्वश्रेष्ठ
- ▸मांडूक्य उपनिषद — 'ॐ ही सब कुछ है।'
- ▸गीता 8.13 — 'ॐ इत्येकाक्षरं ब्रह्म'
- ▸एक अक्षर, कोई जटिलता नहीं, सार्वभौमिक।
अन्य सरल विकल्प (इष्ट अनुसार)
- 1'राम' — दो अक्षर; 'राम नाम सत्य है' — सबसे प्रचलित।
- 2'ॐ नमः शिवाय' — शिव भक्त।
- 3'ॐ नमो नारायणाय' — विष्णु भक्त।
- 4'हरे कृष्ण हरे राम' — कृष्ण भक्त।
- 5'ॐ गं गणपतये नमः' — गणेश भक्त।
नियम: कोई कठोर नियम नहीं। बस प्रेम और श्रद्धा से, नियमित रूप से। 108 बार (माला से) या जितना संभव हो। चलते-फिरते, काम करते हुए भी मन में जपें।
सार: सबसे अच्छा मंत्र वह है जो आपके हृदय को छुए। 'राम' या 'ॐ' = सबसे सरल और सार्वभौमिक।





