ध्यानध्यान से मन की शक्ति कैसे बढ़ती है?ध्यान से मन-शक्ति: पतञ्जलि (3.4-5): संयम (धारणा+ध्यान+समाधि) → प्रज्ञा-प्रकाश। 5 स्तर: एकाग्रता (बिखरी शक्ति एकत्र), स्मृति-शक्ति, संकल्प-बल (योग वशिष्ठ), विवेक-शक्ति, मनोजय। लेंस उपमा: बिखरा प्रकाश → केंद्रित = आग।#ध्यान#मन#एकाग्रता
आत्मिक शक्तितंत्र साधना से आत्मिक शक्ति कैसे बढ़ती है?तंत्र से आत्मिक शक्ति: ओज संचय (ब्रह्मचर्य + साधना → चेहरे पर तेज)। वाक् शक्ति (विशुद्धि चक्र जागृति)। संकल्प बल। निर्भयता (भय नाश)। अंतर्ज्ञान (आज्ञा चक्र)। कर्म क्षय। कुलार्णव: 'गुप्त साधक ही सिद्ध।' प्रदर्शन — शक्ति नष्ट।
आत्मिक शक्तिमंत्र जप से आत्मिक शक्ति कैसे बढ़ती है?आत्मिक शक्ति कैसे बढ़ती है: गीता 17.16 — जप वाचिक तप है। तप से शक्ति अर्जन। संकल्प शक्ति बढ़ती है, ओज बढ़ता है (ब्रह्मचर्य + जप), चित्त शुद्ध होता है, भय नष्ट होता है। नित्य साधक के चेहरे पर 'तेज' प्रकट होता है।#आत्मिक शक्ति#तप#ओज