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सत्त्वगुण से जुड़े सभी प्रश्न(13)

सत्त्वगुण पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 13 प्रश्न उपलब्ध हैं।

लोक

महर्लोक में कौन से गुण की प्रधानता है?

महर्लोक में विशुद्ध सत्त्वगुण की पूर्ण प्रधानता है। रजोगुण और तमोगुण का यहाँ प्रवेश नहीं। इसीलिए यहाँ रोग, शोक, भूख और क्रोध नहीं होते।

#महर्लोक#सत्त्वगुण#रजोगुण
लोक

महर्लोक स्वर्गलोक से कैसे अलग है?

स्वर्गलोक भौतिक भोग का स्थान है जहाँ पुण्य क्षीण होने पर वापसी होती है। महर्लोक विशुद्ध तपस्या और सत्त्वगुण का लोक है जहाँ एक पूरा कल्प रहा जा सकता है।

#महर्लोक#स्वर्गलोक#अंतर
लोक

महर्लोक में रोग, बुढ़ापा और भूख क्यों नहीं होती?

महर्लोक विशुद्ध सत्त्वगुण से आच्छादित है जहाँ रजोगुण और तमोगुण का प्रवेश नहीं। इसलिए यहाँ रोग, बुढ़ापा, भूख, थकावट और क्रोध का पूर्णतः अभाव है।

#महर्लोक#रोग#बुढ़ापा
योग अभ्यास

योग में बैठने और दृष्टि रखने का तरीका क्या बताया गया है?

योगी को दृढ़ आसन लगाकर मुख बंद, सिर ऊँचा, दाँत अलग, दृष्टि रोककर उन्मीलित नेत्रों से नासिकाग्र पर दृष्टि रखनी चाहिए।

#आसन#नासिकाग्र दृष्टि#स्वस्तिक आसन
नरक और महादेव

महादेव गुणों के अनुसार कौन-कौन से रूप धारण करते हैं?

तमोगुण प्रधान होने पर वे कालरुद्र, रजोगुण प्रधान होने पर ब्रह्मा, सत्त्वगुण प्रधान होने पर विष्णु और गुणरहित होने पर महेश्वर रूप बताए गए हैं।

#महादेव#तमोगुण#रजोगुण
श्रीमद्भागवत

सत्त्वगुण क्यों जरूरी है?

सत्त्वगुण चित्त को निर्मल करता है, भगवान का दर्शन कराने वाला है और मनुष्य का परम कल्याण श्रीहरि से होता है।

#सत्त्वगुण#विष्णु#मन शुद्धि
श्रीमद्भागवत

काम और लोभ से कैसे बचें?

भागवत और भगवद्कथा के निरंतर सेवन से अशुभ वासनाएँ नष्ट होती हैं, फिर काम-लोभ शांत होकर चित्त निर्मल होता है।

#काम#लोभ#भागवत
शिव तत्त्व

महेश्वर रजोगुण सत्त्वगुण और तमोगुण से कैसे जुड़े हैं?

महेश्वर सृष्टि में रजोगुण, पालन में सत्त्वगुण और प्रलय में तमोगुण से जुड़े बताए गए हैं।

#महेश्वर#रजोगुण#सत्त्वगुण
शिव तत्त्व

महेश्वर सृष्टि पालन और संहार कैसे करते हैं?

महेश्वर तीन रूपों में होकर सृष्टि, पालन और संहार करते हैं।

#महेश्वर#सृष्टि#पालन
प्रकृति तत्त्व

तीन गुणों वाली प्रकृति कैसी होती है?

तीन गुणों वाली प्रकृति रक्तवर्णा रजोगुणवाली, शुक्लवर्णा सत्त्वगुणवाली और कृष्णवर्णा तमोगुणवाली बताई गई है।

#तीन गुण#प्रकृति#रजोगुण
सृष्टि तत्त्व

विष्णु से जगत की रक्षा कैसे होती है?

तीन प्रधान देवों में विष्णु से जगत् की रक्षा होती है और पालन की स्थिति सत्त्वगुण से जुड़ी बताई गई है।

#विष्णु#जगत रक्षा#पालन
गुण और देव रूप

तमोगुण रजोगुण सत्त्वगुण से कौन से रूप जुड़े हैं?

तमोगुण से कालरुद्र, रजोगुण से हिरण्यगर्भ, सत्त्वगुण से विष्णु और निर्गुण से महेश्वर रूप जुड़ता है।

#तमोगुण#रजोगुण#सत्त्वगुण
त्रिमूर्ति में स्थान

त्रिमूर्ति में विष्णु की क्या भूमिका है?

त्रिमूर्ति: ब्रह्मा (रजोगुण, सृजन), विष्णु (सत्त्वगुण, पालन), शिव (तमोगुण, संहार)। विष्णु की भूमिका = 'पालनकर्ता' और 'धर्म रक्षक'। सत्त्वगुण = शांति, स्थिरता, पोषण और ज्ञान।

#त्रिमूर्ति#पालनकर्ता#सत्त्वगुण
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