शिव रूप महिमादक्षिणामूर्ति रूप में शिव किसे ज्ञान देते हैंदक्षिणामूर्ति रूप में शिव ने वट-वृक्ष के नीचे सनकादि चारों ऋषियों को मौन के माध्यम से ब्रह्म-ज्ञान का उपदेश दिया। यह रूप शिव के आदि-गुरु स्वरूप का प्रतीक है — परम ज्ञान वाणी से नहीं, मौन से मिलता है।#दक्षिणामूर्ति#सनकादि ऋषि#मौन उपदेश
लोकसनकादि ऋषि और जय विजय की कथासनकादि मुनियों ने जय-विजय को रोकने के कारण श्राप दिया, जिससे उनके तीन असुर जन्म हुए।#सनकादि ऋषि#जय विजय#कथा
लोकसनकादि ऋषि ने किसे श्राप दिया था?सनकादि ऋषियों ने वैकुण्ठ द्वारपाल जय और विजय को श्राप दिया था।#सनकादि ऋषि#श्राप#जय विजय
लोकसनकादि ऋषि कौन थे?सनकादि ऋषि ब्रह्मा के चार मानस पुत्र सनक, सनन्दन, सनातन और सनत्कुमार हैं।#सनकादि ऋषि#ब्रह्मा मानस पुत्र#सनकादिक
लोकसनकादि ऋषि कौन हैं?सनकादि ऋषि ब्रह्मा जी के मानस पुत्र सनक, सनन्दन, सनातन और सनत्कुमार हैं।#सनकादि ऋषि#जनलोक#ब्रह्मा