नियम और सावधानियाँसाधना काल में कौन से पाँच विकारों से बचना जरूरी है?मातंगी साधना काल में वर्जित पाँच विकार: (1) काम, (2) क्रोध, (3) लोभ, (4) मत्सर, (5) अहंकार। इनसे दूर न रहने पर साधना में प्रगति बाधित होती है।#पाँच विकार#काम क्रोध लोभ#मत्सर अहंकार
साधना की सावधानियाँसाधना में अधूरी मन्नत का क्या असर होता है?अधूरी मन्नतें और श्राप उग्र साधना के दौरान 'श्रापित दोष' के रूप में प्रकट होकर साधना में बाधा डालते हैं — इसलिए साधना से पहले इन्हें पूरा करना अनिवार्य है।#अधूरी मन्नत
साधना की सावधानियाँभक्त-अपराध क्या होता है और इससे क्यों बचना चाहिए?भक्त-अपराध किसी भी संत, वैष्णव या भक्त की निंदा या अपमान है — यह सभी पुण्यों को नष्ट कर देता है और उग्र साधना के दौरान सबसे बड़ा अवरोध बनता है।#भक्त अपराध#निंदा#पुण्य नाश