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स्कंद से जुड़े सभी प्रश्न(5)

स्कंद पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 5 प्रश्न उपलब्ध हैं।

कार्तिकेय कथा

कार्तिकेय को छह सिर क्यों हैं?

कार्तिकेय को छह सिर इसलिए हैं क्योंकि उनका दिव्य तेज गंगाजल में बहकर छह भागों में विभाजित हो गया था और छह शिशुओं के रूप में प्रकट हुआ। माता पार्वती ने छहों को एक करके षड्मुख पुत्र प्राप्त किया।

#कार्तिकेय षड्मुख#छह सिर#शरवण वन
कार्तिकेय कथा

कार्तिकेय का जन्म क्यों हुआ था?

कार्तिकेय का जन्म तारकासुर के वध के लिए हुआ था। तारकासुर को यह वरदान था कि उसका वध केवल शिव-पुत्र से ही होगा। तीनों लोकों में उसके अत्याचार से त्रस्त देवताओं की रक्षा के लिए कार्तिकेय का अवतरण हुआ।

#कार्तिकेय जन्म#तारकासुर#शिव पुत्र
लोक

तारकासुर कौन था?

तारकासुर वह असुर था जिसका वध कार्तिकेय ने किया और जिसके पुत्र त्रिपुरासुर कहलाए।

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अष्टलक्ष्मी

संतानलक्ष्मी का क्या स्वरूप है?

संतानलक्ष्मी = सुयोग्य संतान की प्राप्ति, संतान की रक्षा और परिवार संस्था को अक्षुण्ण रखने वाली देवी। स्वरूप: गोद में बालक स्कंद (कुमार), छः भुजाएं, बालक के हाथ में कमल।

#संतानलक्ष्मी#सुयोग्य संतान#परिवार
कार्तिकेय कथा

कार्तिकेय को स्कंद क्यों कहते हैं?

कार्तिकेय को 'स्कंद' इसलिए कहते हैं क्योंकि उनका जन्म शिव-तेज के गंगाजल में स्खलित होने से शरवण वन में हुआ। 'स्कंद' का अर्थ है स्खलित होकर प्रकट होने वाला। शत्रु-सेना को छिन्न करने वाले योद्धा के अर्थ में भी यह नाम सार्थक है।

#स्कंद#कार्तिकेय#स्कंद अर्थ
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