अर्धनारीश्वर स्तोत्रस्तोत्र में 'निरीश्वरायै' और 'निखिलेश्वराय' का क्या अर्थ है?निरीश्वरायै = शक्ति स्वयं परम स्वतंत्र हैं (किसी के अधीन नहीं); निखिलेश्वराय = शिव संपूर्ण जगत के एकमात्र ईश्वर हैं। दोनों परस्पर पूरक और समान हैं।#निरीश्वरायै#निखिलेश्वराय#स्तोत्र श्लोक 6
अर्धनारीश्वर स्तोत्रस्तोत्र में देवी के केश किसके समान हैं?स्तोत्र में देवी के केश मेघ के समान श्याम और घने बताए गए हैं।#देवी केश#मेघ श्याम#स्तोत्र श्लोक 6
अर्धनारीश्वर स्तोत्रशिव की जटाएं किसके समान बताई गई हैं?स्तोत्र में शिव की जटाएं बिजली की चमक के समान ताम्रवर्णी बताई गई हैं, जबकि देवी के केश मेघ के समान श्याम और घने हैं।#शिव जटा#बिजली#ताम्रवर्ण