विस्तृत उत्तर
स्तोत्र के छठे श्लोक में देवी के केशों का वर्णन इस प्रकार है:
जिनके केश मेघ के समान श्याम और घने हैं — यह देवी पार्वती के सौंदर्य का वर्णन है।
इसके विपरीत, शिव की जटाएं बिजली की चमक के समान ताम्रवर्णी हैं।
यह दोनों का एक और सुंदर वैषम्य है जो एक ही स्वरूप में दो विपरीत सौंदर्य-भावों को प्रकट करता है।





