विस्तृत उत्तर
स्तोत्र के चौथे श्लोक में देवी की आँखों का वर्णन इस प्रकार है:
जिनकी आँखें विशाल नीले कमल के समान लंबी और सुंदर हैं (देवी)। इसके विपरीत, शिव की आँखें खिले हुए कमल के समान तेजस्वी हैं।
इसके साथ ही, देवी सम-दृष्टि वाली हैं (दो आँखें), जबकि शिव विषम-दृष्टि (त्रिनेत्रधारी) वाले हैं।





