स्तोत्र में शिव को दिगम्बर क्यों कहा गया है का सबसे सीधा सार यह है: शिव को दिगम्बर कहा गया है क्योंकि वे दिशाओं को ही अपना वस्त्र मानते हैं — यह उनके परम वैराग्य का प्रतीक है। देवी दिव्य वस्त्र धारण करती...
अर्धनारीश्वर स्तोत्र जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
इसी विषय पर 5 संबंधित प्रश्न और 6 विस्तृत लेख भी उपलब्ध हैं। इसलिए इस उत्तर को शुरुआती निष्कर्ष मानें और नीचे दिए गए अगले पन्नों से पूरा संदर्भ जोड़ें।
•उत्तर पढ़ते समय यह देखें कि उसमें नियम, अपवाद और व्यवहारिक संदर्भ साफ हैं या नहीं।
•अर्धनारीश्वर स्तोत्र श्रेणी के दूसरे प्रश्न इस उत्तर की सीमा और उपयोग दोनों स्पष्ट करते हैं।
•यदि विस्तृत विधि या पृष्ठभूमि चाहिए, तो नीचे दिए गए लेख पहले खोलें।