लोकअक्षय तृतीया और तृतीया श्राद्ध जुड़ते हैं?दोनों तृतीया तिथि की अक्षय और युगादि ऊर्जा से जुड़े हैं।#अक्षय तृतीया#तृतीया श्राद्ध#युगादि
लोकतृतीया तिथि अक्षय क्यों है?तृतीया पर किया गया दान और श्राद्ध अक्षय फल देने वाला माना गया है।#अक्षय तृतीया#तृतीया श्राद्ध#अक्षय फल
शुभ मुहूर्तमातंगी साधना के लिए कौन सी विशेष तिथियाँ शुभ हैं?मातंगी साधना की शुभ तिथियाँ: (1) अक्षय तृतीया = मातंगी जयंती, (2) वैशाख पूर्णिमा = मातंगी सिद्धि दिवस, (3) गुप्त नवरात्रि का नौवाँ दिन = माँ मातंगी की पूजा का विशेष दिन।#मातंगी जयंती#अक्षय तृतीया#वैशाख पूर्णिमा
त्योहार पूजाअक्षय तृतीया पर सोना खरीदने का शास्त्रीय आधार क्या है?सोना अक्षय: 'अक्षय' तिथि=अक्षय फल, सोना=अविनाशी (शाश्वत समृद्धि), लक्ष्मी प्रतीक, अक्षय पात्र कथा। शास्त्रीय सत्य: मूलतः 'अक्षय दान' = सर्वोत्तम (दान>खरीदारी)। अबूझ मुहूर्त=सदा शुभ।#अक्षय तृतीया#सोना#अक्षय
पर्वअक्षय तृतीया शुभ कार्यों के लिए सबसे उत्तम क्यों माना जाता हैअक्षय तृतीया सर्वोत्तम क्यों: (1) स्वयंसिद्ध — मुहूर्त अनावश्यक। (2) साढ़े तीन अबूझ मुहूर्तों में। (3) सूर्य-चन्द्र दोनों उच्च राशि में। (4) त्रेतायुग आरम्भ, परशुराम जन्म, सुदामा-कृष्ण भेंट। (5) 'अक्षय' = कभी क्षीण न हो — दान/कर्म = अनन्त फल।#अक्षय तृतीया#स्वयंसिद्ध#शुभ
पर्वअक्षय तृतीया पर पूजा और दान कैसे करेंअक्षय तृतीया: वैशाख शुक्ल तृतीया। पूजा: विष्णु-लक्ष्मी पूजा, गंगा स्नान, सत्यनारायण कथा। दान: जल (सर्वोत्तम), अन्न, वस्त्र, छाता, स्वर्ण खरीद शुभ। सम्पूर्ण दिन स्वयंसिद्ध शुभ — मुहूर्त अनावश्यक। परशुराम जन्म, सुदामा-कृष्ण कथा। अक्षय = कभी क्षीण न हो।#अक्षय तृतीया#दान#स्वर्ण