शिव अवतार कथाअश्वत्थामा शिव के किस अवतार का अंश हैअश्वत्थामा शिव के 'सवन्तिक रुद्र' अंशावतार हैं। द्रोणाचार्य की तपस्या से प्रसन्न होकर शिव ने सवन्तिक रुद्र के अंश से उनके पुत्र रूप में जन्म लिया। जन्म से मस्तक में दिव्य मणि थी जो उन्हें अजेय बनाती थी।#अश्वत्थामा#सवन्तिक रुद्र#द्रोणाचार्य
मंत्र और उपासनामहामृत्युंजय मंत्र और मार्कण्डेय ऋषि की कथा क्या है?मार्कण्डेय ऋषि ने महामृत्युंजय मंत्र का निरंतर जप किया → यमराज को परास्त किया → शिव ने शिवलिंग से प्रकट होकर 'चिरंजीवी' होने का वरदान दिया।#मार्कण्डेय ऋषि#यमराज#चिरंजीवी
महामृत्युंजय मंत्र परिचयमहामृत्युंजय मंत्र को 'मार्कण्डेय मंत्र' क्यों कहते हैं?मार्कण्डेय ने १६ वर्ष की अल्पायु में शिवलिंग के समक्ष इस मंत्र का जप किया — उनके जप की ऊर्जा और शिव कृपा ने यमराज को पराजित किया और मार्कण्डेय चिरंजीवी हुए। इसीलिए यह 'मार्कण्डेय मंत्र' भी कहलाता है।#मार्कण्डेय मंत्र#चिरंजीवी#यमराज पराजय
फलश्रुति और लाभचन्द्रशेखराष्टकम् से दीर्घायु मिलती है क्या?हाँ — फलश्रुति में 'पूर्णमायुर्' (पूर्ण आयु) का स्पष्ट वचन है। मार्कण्डेय को शिव ने चिरंजीवी बनाया — यह स्तोत्र आत्मिक बल और पूर्ण आयु प्रदान करता है।#दीर्घायु#पूर्णमायुर्#फलश्रुति
स्तोत्र के रचयिता और उत्पत्तिशिव ने मार्कण्डेय को क्या वरदान दिया?शिव ने मार्कण्डेय को यमराज को पराजित करके मृत्यु के भय से मुक्ति और दीर्घायु (चिरंजीवी) होने का वरदान दिया।#मार्कण्डेय वरदान#चिरंजीवी#दीर्घायु
हिंदू दर्शनअश्वत्थामा अमर हैं क्या और आज कहाँअश्वत्थामा चिरंजीवी हैं — परंतु शाप से, वरदान से नहीं। सोते पांचालों की हत्या और गर्भस्थ परीक्षित पर ब्रह्मास्त्र के दंडस्वरूप कृष्ण ने मणि छीनी और शाप दिया — रोग, दुर्गंध, एकाकीपन में अनंत काल तक भटकना। 'आज कहाँ' — लोक मान्यता; शास्त्रीय रूप से अनिश्चित।#अश्वत्थामा#चिरंजीवी#शाप
हिंदू दर्शनहनुमान जी अमर क्यों हैं और आज कहाँ हैंहनुमान सप्त चिरंजीवियों में से एक — सीता, राम और ब्रह्मा के वरदान से अमर। कलियुग में विद्यमान — जहां राम कथा वहां हनुमान उपस्थित। गंधमादन पर्वत पर राम जप। महाभारत में भीम से भेंट और अर्जुन की ध्वजा पर विराजमान।#हनुमान#चिरंजीवी#अमर
देव ज्ञानहनुमान जी आज भी जीवित — शास्त्रीय प्रमाण?8 चिरंजीवी श्लोक: हनुमान=कल्प अंत तक। राम वरदान: 'राम कथा तक जीवित।' रामचरितमानस: 'जहाँ कथा=वहाँ हनुमान।' तुलसीदास/रामदास=दर्शन। शास्त्रीय=स्पष्ट, भौतिक=श्रद्धा।#हनुमान#चिरंजीवी#जीवित