लोकभागवत पुराण के अनुसार स्वर्लोक के सात द्वीपों के निवासियों का जीवन कैसा है?सात द्वीपों के निवासी बुढ़ापा-रोग-मानसिक कष्ट से मुक्त 1000 वर्षों तक देवों जैसा जीवन जीते हैं। लेकिन यह भोगभूमि है — पुण्य क्षीण होने पर पुनर्जन्म होता है।#सात द्वीप#निवासी#स्वर्गिक जीवन
लोकस्वर्लोक के प्लक्ष द्वीप में सूर्य उपासना की विधि क्या है?प्लक्ष द्वीप में त्रयी विद्या (ऋक्, साम, यजुर्वेद) के माध्यम से सूर्य देव के त्रयीमय स्वरूप की उपासना होती है जो 'स्वर्ग का द्वार' खोलती है।
लोकप्लक्ष द्वीप में किसकी उपासना होती है?प्लक्ष द्वीप में हंस, पतंग, ऊर्ध्वायन और सत्यांग नाम के निवासी 1000 वर्षों तक देवताओं जैसा जीवन जीते हैं और सूर्य देव की उपासना करते हैं।#प्लक्ष द्वीप#सूर्य देव#उपासना