विस्तृत उत्तर
प्लक्ष द्वीप जम्बूद्वीप के खारे जल के महासागर के पार स्थित है और इसका आकार जम्बूद्वीप से दोगुना है। इसका नाम एक विशाल 'प्लक्ष' (पाकड़) वृक्ष के नाम पर पड़ा है जिसकी जड़ों से सात ज्वालाओं वाली अग्नि प्रज्वलित होती है। यहाँ के शासक इध्मजिह्व (प्रियव्रत के पुत्र) थे। यहाँ के निवासी हंस, पतंग, ऊर्ध्वायन और सत्यांग कहलाते हैं जो 1000 वर्षों तक देवताओं के समान जीवन जीते हैं और सूर्य देव की उपासना करते हैं। इन सभी द्वीपों में रहने वाले लोग पूर्णतः स्वर्गिक जीवन व्यतीत करते हैं जहाँ बुढ़ापा, रोग और मानसिक कष्ट नहीं होते। वे मानसिक दृढ़ता और शारीरिक शक्ति में पूर्णता प्राप्त होते हैं और स्वर्ग के द्वार पर वैदिक अनुष्ठान करते हैं।
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