प्रसिद्ध मंदिरजगन्नाथ मंदिर में भोग प्रसाद बनाने की विशेष विधि क्या है?
जगन्नाथ रसोई: 752 चूल्हे, 500 रसोइये। विशेषता: 7 मिट्टी के हांडे एक पर एक — ऊपर वाला पहले पकता है। केवल लकड़ी ईंधन। 56 भोग विशेष अवसरों पर। शाकाहारी, प्याज-लहसुन वर्जित। महाप्रसाद = सर्वोच्च पवित्र — जाति-भेद रहित भोजन। प्रसाद कभी कम नहीं पड़ता।
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