ऋषि संततिअनसूया और अत्रि की संतान कौन थीं?अनसूया और अत्रि से श्रुति तथा सत्यनेत्र, मुनिर्भव्य, मूर्तिराप, शनैश्चर और सोम उत्पन्न हुए।#अनसूया#अत्रि#श्रुति
ऋषि संततिस्मृति और अंगिरा की संतान कौन थीं?स्मृति और अंगिरा से सिनीवाली, कुहू, राका, अनुमति और अग्नि उत्पन्न हुए।#स्मृति#अंगिरा#सिनीवाली
ऋषि संततिसन्नति और क्रतु के बालखिल्य पुत्र कौन थे?सन्नति और क्रतु के साठ हजार पुत्र हुए, जो बालखिल्य नाम से प्रसिद्ध बताए गए हैं।#सन्नति#क्रतु#बालखिल्य
ऋषि संततिप्रीति और पुलस्त्य की संतान कौन थीं?प्रीति और पुलस्त्य से दत्तोर्ण, वेदबाहु और दृषद्वती उत्पन्न हुए।#प्रीति#पुलस्त्य#दत्तोर्ण
ऋषि संततिक्षमा और पुलह की संतान कौन थीं?क्षमा और पुलह से कर्दम, वरीयांस, सहिष्णु और पीवरी उत्पन्न हुए।#क्षमा#पुलह#कर्दम
ऋषि संततिसम्भूति और मरीचि की संतान कौन थीं?सम्भूति और मरीचि से पूर्णमास, मारीच, तुष्टि, दृष्टि, कृषि और अपचिति उत्पन्न हुए।#सम्भूति#मरीचि#पूर्णमास
ऋषि संततिख्याति और भृगु की संतान कौन थीं?ख्याति और भृगु से श्री यानी लक्ष्मी, धाता और विधाता उत्पन्न हुए।#ख्याति#भृगु#श्री
दक्ष वंशधर्म की पत्नियाँ कौन थीं?श्रद्धा से लेकर कीर्ति तक तेरह कन्याएँ प्रजापति धर्म की पत्नियाँ बनीं।#धर्म#धर्म की पत्नियाँ#श्रद्धा
मनु और शतरूपाआकूति और प्रसूति कौन थीं?आकूति और प्रसूति मनु-शतरूपा की कन्याएँ थीं; आकूति ज्येष्ठ और प्रसूति छोटी कही गई हैं।#आकूति#प्रसूति#मनु पुत्री
मनु और शतरूपाप्रियव्रत और उत्तानपाद कौन थे?प्रियव्रत और उत्तानपाद स्वायम्भुव मनु और शतरूपा के पुत्र थे; प्रियव्रत ज्येष्ठ और उत्तानपाद कनिष्ठ बताए गए हैं।#प्रियव्रत#उत्तानपाद#स्वायम्भुव मनु
मनु और शतरूपास्वायम्भुव मनु और शतरूपा कौन थे?स्वायम्भुव मनु और रानी शतरूपा का सृजन ब्रह्मा ने किया; शतरूपा अयोनिजा और पुण्यशालिनी कही गई हैं।#स्वायम्भुव मनु#शतरूपा#ब्रह्मा
ऋषि और मानस पुत्रऋभु और सनत्कुमार कौन थे?ऋभु और सनत्कुमार ब्रह्मा के अग्रजन्मा दिव्य पुत्र थे, जिन्हें नैष्ठिक ब्रह्मचारी और ब्रह्मवादी कहा गया है।#ऋभु#सनत्कुमार#नैष्ठिक ब्रह्मचारी
ऋषि और मानस पुत्रमरीचि, भृगु, अंगिरा, पुलस्त्य, पुलह, क्रतु, दक्ष, अत्रि और वसिष्ठ कौन थे?ये ब्रह्मा की योगविद्या से उत्पन्न नौ ब्रह्मवादी ऋषि और मानस पुत्र थे।#मरीचि#भृगु#अंगिरा
ऋषि और मानस पुत्रब्रह्मा के नौ मानस पुत्र कौन थे?ब्रह्मा के नौ मानस पुत्र मरीचि, भृगु, अंगिरा, पुलस्त्य, पुलह, क्रतु, दक्ष, अत्रि और वसिष्ठ थे।#ब्रह्मा के मानस पुत्र#मरीचि#भृगु
ऋषि और मानस पुत्रसनक, सनन्दन और सनातन कौन थे?सनक, सनन्दन और सनातन ब्रह्मा द्वारा उत्पन्न श्रेष्ठ मुनि थे; सनत्कुमार का भी उल्लेख साथ आता है।#सनक#सनन्दन#सनातन
सर्गकौमार सर्ग क्या है?कौमार सर्ग नौवाँ सर्ग है, जिसे प्राकृत और वैकृत दोनों कहा गया है।#कौमार सर्ग#सनक#सनन्दन
सर्गअनुग्रह सर्ग क्या है?अनुग्रह सर्ग सत्त्व और तमप्रधान सर्ग बताया गया है और नौ सर्गों में आठवाँ है।#अनुग्रह सर्ग#सत्त्व#तम
सर्गअर्वाक्स्रोत सृष्टि क्या है?अर्वाक्स्रोत सृष्टि मनुष्य आदि की सृष्टि है और नौ सर्गों में सातवाँ सर्ग कही गई है।#अर्वाक्स्रोत#मनुष्य#मानव सृष्टि
सर्गऊर्ध्वस्रोत सृष्टि क्या है?ऊर्ध्वस्रोत सृष्टि सात्त्विक रूप कही गई है और देवताओं की सृष्टि से जुड़ी है।#ऊर्ध्वस्रोत#देवसर्ग#देवता
सर्गतिर्यक्स्रोत सृष्टि क्या है?तिर्यक्स्रोत सृष्टि पशु आदि तिर्यक् योनिवाले जीवों की सृष्टि है।#तिर्यक्स्रोत#पशु#पक्षी
सर्गमुख्य सर्ग क्या है?मुख्य सर्ग वृक्षादि सृष्टि है, जिसमें वृक्ष, गुल्म, लता, वीरुध् और तृणरूप सर्ग बताए गए हैं।#मुख्य सर्ग#वृक्ष#गुल्म
अविद्यातम, मोह, महामोह, तामिस्र और अन्धतामिस्र का अर्थ क्या है?तम का अर्थ अज्ञान, महामोह का अर्थ भोगेच्छा, तामिस्र का अर्थ क्रोध और अन्धतामिस्र का अर्थ अभिनिवेश बताया गया है।#तम#मोह#महामोह
अविद्यापंचपर्वा अविद्या क्या है?पंचपर्वा अविद्या वे पांच अविद्याएँ हैं जो ब्रह्मा से पहले उत्पन्न हुईं: तम, मोह, महामोह, तामिस्र और अन्धतामिस्र।#पंचपर्वा अविद्या#अविद्या#तम