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विस्तृत उत्तर
अर्वाक्स्रोत सृष्टि मनुष्य आदि की सृष्टि है। ब्रह्माजी ने तिर्यक्स्रोत और ऊर्ध्वस्रोत के बाद अर्वाक्स्रोत की रचना की। नौ प्रकार की सृष्टि की गणना में अर्वाक्स्रोताओं का सर्ग सातवाँ और मनुष्यों का सर्ग कहा गया है। इसलिए यह मानव-सृष्टि से जुड़ा सर्ग है, जिसे वैकृत सर्गों में रखा गया है।
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शास्त्रीय स्रोत
श्रीलिङ्गमहापुराण, पूर्वभाग, अध्याय 5, PDF पृष्ठ 29, श्लोक 5-8
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