नियम और पात्रताहवन में कौन सी हस्त मुद्रा सही है?हवन की तीन मुद्राएं: मृगी मुद्रा (अंगूठा+मध्यमा+अनामिका) = शांतिकर्म और सामान्य देव-यज्ञ के लिए सर्वश्रेष्ठ। हंसी मुद्रा (कनिष्ठा छोड़कर) = पौष्टिक कर्म। सूकरी मुद्रा = तांत्रिक प्रयोग, सामान्य हवन में वर्जित।#हवन मुद्रा#मृगी मुद्रा#हंसी मुद्रा
पंचांग एवं ज्योतिषहस्त नक्षत्र क्या होता है?हस्त 27 नक्षत्रों में त्रयोदश। कन्या 10°–23°20'। स्वामी चंद्रमा, देवता सविता। प्रतीक हथेली। हस्त-कौशल और व्यापार के लिए शुभ। जन्म में कुशल, चतुर, कलात्मक, श्रमशील।#हस्त नक्षत्र#27 नक्षत्र#पंचांग
तंत्र ज्ञानतंत्र में मुद्रा कितने प्रकार की होती हैं?3 प्रकार: हस्त (ज्ञान/चिन्/योनि), शरीर (हठ — महामुद्रा/खेचरी/बंध = 10), तांत्रिक (पूजा — 24/64)। पंचमकार 'मुद्रा' = अन्न/योगिक। हठ योग प्रदीपिका: 10 = कुंडलिनी।#मुद्रा#प्रकार#तंत्र